मथुरा, 3 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा में गुरुवार शाम को हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। इसमें 22 उपद्रवी और दो पुलिसकर्मी हैं।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जावीद अहमद ने शुक्रवार को कहा कि 23 पुलिसकर्मी घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर है।
अहमद ने संवाददाताओं को बताया, “अभी तक 22 उपद्रवियों की मौत हो गई है। इनमें एक महिला भी शामिल है। इनमें से 11 की मौत जलने से हुई है, जबकि बाकियों ने घायल होने बाद दम तोड़ दिया।”
अहमद ने संवाददाताओं को बताया, “हमें यह बताते हुए दुख हो रहा है कि पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थाना प्रभारी संतोष यादव शहीद हो गए। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी के निर्वाह के दौरान अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।”
डीजीपी ने कहा, “अभी तक 23 पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें कुछ गंभीर रूप से घायल हैं।”
उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया कि पुलिसकर्मियों को बुरी तरह पीटा गया।”
पुलिस ने जवाहरबाग से 47 देसी पिस्तौल, छह रायफल और 178 जिंदा कारतूस भी बरामद किए।
अहमद ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पुलिस सरकारी जमीन के एक बड़े भूभाग पर कब्जा हटाने के लिए पहुंची, लेकिन प्रतिक्रियास्वरूप भीड़ ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिस पर हमला किया।
उन्होंने कहा, “पुलिस पर बिना किसी उकसावे के हमला किया गया, पथराव किया गया। इस हिंसा में दो पुलिस अधिकारी- द्विवेदी और संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी बाद में जान चली गई।”
उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने कुछ झोपड़ियों में आग लगा दी। इन झोपड़ियों में गैस सिलेंडर और गोला बारूद रखे हुए थे, जिस वजह से स्थिति गंभीर हो गई।
उन्होंने कहा, “हमें यह भी बताया गया कि पिछले दो वर्षो से प्रदर्शनकारी पड़ोस में समस्याएं उत्पन्न कर रहे थे।”
इससे पहले, डीजीपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने मथुरा के पुलिस लाइन्स जाकर शहीद पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी।
डीजीपी ने कहा कि शहीद पुलिस अधिकारियों के परिवार वालों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
dharmpath.com dharmpath