सीहोर, 20 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पानी हासिल करने के लिए लोगों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सीहोर जिले के इच्छावर कस्बे में तो धारा 144 लागू कर दी गई है, ताकि सबको पानी मिले और उसकी बर्बादी रोकी जा सके।
महाराष्ट्र के लातूर में तो पानी वितरण में किसी तरह की अव्यवस्था न फैले इसके लिए निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू की गई है, मगर मध्य प्रदेश के इच्छावर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है।
इच्छावर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लोकेश कुमार ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि इस कस्बे में पाइप लाइन से घरों तक जलापूर्ति होती है, मगर कई घरों तक पानी नहीं पहुंचता है, क्योंकि पहले के घरों में मोटर पंप के जरिए पानी खींच लिया जाता है। लिहाजा, सबको आसानी से पानी मिले, इसके लिए धारा 144 लागू की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धारा 144 का आशय यह कतई नहीं है कि एक स्थान पर पांच लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। लातूर में तो भीड़ रोकने के लिए धारा 144 लागू की गई है, यहां ऐसा नहीं है।
कुमार ने आगे बताया कि अब कस्बे में कोई भी पाइप लाइन से सीधे मोटर पंप (टुल्लू) लगाकर पानी नहीं खींच सकेगा, अगर ऐसा करता है तो उसका पंप जब्त कर एक दिन के भीतर उसका कनेक्शन काट दिया जाएगा और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
इसके अलावा मोटर से वाहनों के धोने और मवेशियों को नहलाने पर भी रोक है। बाल्टी में पानी भरकर मग के जरिए य्ेह दोनों काम किए जा सकते हैं। बागवानी की सिंचाई को भी प्रतिबंधित किया गया है। सभी जलस्रोतों को अधिग्रहीत कर लिया गया है, चाहे सरकारी हों या निजी।
एसडीएम लोकेश कुमार ने बताया कि पेयजल के स्रोतों के पानी का किसी भी स्थिति में औद्योगिक कार्य या खेती के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा। यह व्यवस्था पांच जुलाई तक के लिए की गई है।
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