भोपाल, 1 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने राज्य सरकार के वर्ष 2017-18 के बजट को किसानों, महिलाओं और गरीबों की उपेक्षा का बजट बताते हुए फर्जी आंकड़ों की बाजीगरी का दस्तावेज करार दिया है।
वित्त मंत्री जयंत मलैया द्वारा बुधवार को विधानसभा में पेश किए गए बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यादव ने कहा कि बजट महज फर्जी आंकड़ों की बाजीगरी और जनविरोधी है, जिसमें महंगाई की मार झेल रहे आम उपभोक्ताओं के आंसू पोंछने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि बुनियादी नागरिक सुविधाओं का बजट में पूरी तरह मखौल उड़ाया गया है, वहीं वित्तीय कुप्रबंधन के चलते आमजन, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति, किसानों, महिलाओं, नौजवानों और छात्र-छात्राओं के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किए गए हैं।
यादव ने कहा कि इस बजट के माध्यम से आमजनों को उम्मीद थी कि डीजल-पेट्रोल के दाम कम होंगे, क्योंकि समूचे देश में सिर्फ मध्यप्रदेश ही एक ऐसा राज्य है जहां अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद महंगा बेचा जाता है। इस मामले में सरकार ने जनता से राजनीतिक डकैती की है।
सरकार द्वारा कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने के प्रावधान पर यादव ने कहा कि बजट में सातवें वेतन आयोग को लागू किए जाने की बात तो कही गई है किंतु छठे वेतन आयोग की सिफारिशों की विसंगतियों को आज तक दूर नहीं किया गया है, जबकि मुख्यमंत्री चौहान ने इसे ‘जस का तस’ लागू किए जाने की बात कही थी। इन परिस्थितियों में सातवां वेतन आयोग किस स्वरूप में लागू होगा, यह सवाल है।
यादव का आरोप है कि प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा, चिकित्सा-शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, फसल, सिंचाई, कुपोषण, पोषण आहार, अवैध उत्खनन, स्वच्छ पेयजल, रोजगार, सड़क निर्माण, उद्योगों, अल्पसंख्यकों के कल्याण जैसे महत्वूपर्ण मुद्दों पर वित्त मंत्री ने बजट में अनदेखी की है।
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