भोपाल, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के बाजार शुक्रवार को धनतेरस के मौके पर खरीदारों की भीड़ से पटे रहे, हर व्यक्ति अपनी हैसियत के मुताबिक सामान की खरीदारी करने में लगा रहा। किसी ने सोने-चांदी के जेवरात खरीदे तो कोई स्टील की कटोरी ही खरीदकर धनतेरस के शगुन को पूरा किया।
राजधानी के मारवाड़ी बाजार, लखेरा बाजार, न्यू मार्केट, बिट्ठन बाजार में उमड़ी भीड़ ने ही धनतरेस व दिवाली के उत्साह की गवाही दे दी। यहां की ज्वेलरी दुकानों से लेकर कपड़े, बर्तन आदि की दुकानों के संचालकों को बात करने तक की फुरसत नहीं रही।
धनतेरस पर बाजार पहुंचीं रश्मि कुमारी सोने की ज्वेलरी खरीदी। उनका कहना है कि वह सालभर इस दिन का इंतजार करती हैं, क्योंकि सनातन धर्म में नया खरीदने की पंरपरा है। उन्होंने इस मौके पर गले का हार खरीदा है। वह कहती हैं कि महंगाई है, मगर त्योहार भी तो मनाना है, लिहाजा उन्होंने अपनी पसंद का हार खरीदा है।
वहीं गांव से आए एक परिवार को बाजार की चमक-दमक में यह समझ में ही नहीं आ रहा कि वे क्या खरीदें। इस परिवार के सदस्य रामेश्वर दास का कहना है कि वे बाजार में अपनी हैसियत के अनुसार बर्तन खरीदने आए हैं, मगर यहां आकर उनका दिमाग ही काम नहीं कर रहा है कि क्या खरीदा जाए, क्योंकि यहां इतनी किस्म और आकार-प्रकार के बर्तन हैं, जिनमें से पसंद करना आसान नहीं है।
एक तरफ जहां जेवरात और बर्तन खरीदने वालों की भीड़ जमा है, वहीं दूसरी ओर अपने घरों को जगमग करने के लिए लड़ियों (झालर) खरीदी जा रही है। दिनेश शर्मा ने इस बार चाइनीज झालर को खरीदने से परहेज किया है। उनका कहना है कि देश में चाइनीज सामान के विरोध की बात हो रही है, लिहाजा उन्होंने देसी झालर खरीदी है, मगर वे भी यह दावा नहीं कर पा रहे हैं कि यह झालर वाकई में देसी ही है। उनसे दुकानदार ने झालर को देसी बताया और उन्होंने ऐसा ही मानकर खरीद ली।
इसी तरह राज्य के इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर व सागर से लेकर कस्बों तक के बाजारों में काफी रौनक है, भीड़ के चलते आलम यह है कि कई स्थानों पर जाम जैसे हालात बन गए हैं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। चौक-चौराहों और प्रमुख बाजारों में पुलिस जवान तैनात हैं। कई मार्गो पर वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ी।
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