भोपाल, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में बाल विवाह को हतोत्साहित करने और सख्ती से रोक लगाने के लिए शुरू किए गए लाडो अभियान को वर्ष 2013-14 के प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से नवाजा गया है। यह पुरस्कार मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला सशक्तीकरण संचालनालय की आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव को प्रदान किया।
राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा बुधवार को जारी अधिकृत बयान में बताया गया है कि बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने के लिए वर्ष 2013 से लाडो अभियान शुरू किया गया था। अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों से अवगत कराना और बाल विवाह से बच्चों पर मानसिक एवं शारीरिक रूप से होने वाले दुष्परिणामों के संबंध में जन-सामान्य को जागरूक करना है। यह अभियान पूरे वर्ष प्रदेश में चलाया जाता है।
आधिकारिक तौर पर दावा किया गया है कि अभियान के जरिए अप्रैल, 2014 से फरवरी, 2015 तक 52 हजार तय बाल विवाह होने के पूर्व सलाह के जरिए रोके गए। कुल 1511 बाल विवाह स्थल पर रोके गए और 41 प्रकरण पुलिस में दर्ज कराए गए। अभियान में एक लाख बच्चों का दाखिला स्कूल में कराया गया और 22 हजार स्कूल में बाल विवाह कानून की जानकारी दी गई।
अभियान की इस अभिनव पहल को राष्ट्रीय-स्तर पर चिन्हांकित किया गया। भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश के कई जिलों का स्थल भ्रमण कर अभियान से आए बदलाव का परीक्षण किया। उसी के आधार पर भारत सरकार द्वारा लाडो अभियान को वर्ष 2013-14 के लिए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चुना गया।
dharmpath.com dharmpath