भोपाल, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की ग्रामीण आबादी को पेयजल मुहैया कराने के लिए निजी सहयोग (पीपी मोड) से नल-जल योजनाएं बनाई जाएंगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मंत्री कुसुम महदेले ने बुधवार को विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में यह जानकारी दी।
विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में महदेले ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 15-20 साल तक चलने वाली नल-जल योजनाएं बनाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि भविष्य में निजी सहयोग मोड से नल-जल योजनाएं बनाई जाएंगी। इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जो ठेकेदार इन्हें बनाएं, वही 20 साल तक इनका संचालन भी करें।
बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव अश्विनी कुमार राय ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए।
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