भोपाल, 20 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की हालत किसी से छुपी नहीं है। कहीं अमानक दवाई मरीजों की सेहत और बिगाड़ देती है तो कहीं स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही आंखों की रोशनी छीन लेती है। चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को चिकित्सकों की समिति बनाए जाने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने भोपाल में गांधी मेडिकल कलेज के हीरक जयंती समारोह में कहा कि चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के सुझाव देने के लिए चिकित्सकों की समिति बनाई जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार और सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सभी शासकीय चिकित्सालयों में नि:शुल्क दवाई और जांच की व्यवस्था की गई है। सभी जिला चिकित्सालयों में 26 जनवरी तक डायलिसिस की सुविधा शुरू हो जाएगी। चिन्हित शासकीय अस्पतालों में कीमोथेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में सात नए मेडिकल कलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए सेवा नियमों को उदार बनाया गया है। आम आदमी को सस्ता और सुलभ इलाज उपलब्ध हो इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी मेडिकल कलेज का गौरवशाली इतिहास रहा है। इसके पूर्व छात्रों की मदद से नव-सज्जित सभागृह को और बेहतर स्वरूप दिया जाएगा।
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