खंडवा, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ाए जाने के विरोध में चल रहा जल सत्याग्रह पांचवें दिन भी जारी हैं। पांच दिन से पानी में बैठे सत्याग्रहियों के पैर गलने लगे हैं, मगर उनका उत्साह कम नहीं हुआ है।
राज्य सरकार ने ओंकारेश्वर बांध के जलस्तर की ऊंचाई 189 मीटर से बढ़ाकर 191 मीटर कर दी है। इससे खेती की जमीन भी डूब में आने लगी है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों के साथ 11 अप्रैल से घोगलगांव में जल सत्याग्रह शुरू किया है। बुधवार को सत्याग्रह का पांचवां दिन है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने बताया कि जल सत्याग्रह पर 26 ग्रामीण बैठे हैं। पांच दिन में कई सत्याग्रहियों के पैरो में गलन शुरू हो गई हैं, फिर भी आंदोलनकारी गले तक पानी में बैठे हुए हैं।
अग्रवाल भी जल सत्याग्रह में शामिल हैं। उन्होंने कहा है कि उनका यह सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा जब तक कि प्रभावितों को न्याय नहीं मिल जाता है। उनका आरेाप है कि राज्य सरकार ने पुनर्वास नीति व सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय मुआवजे का भुगतान किए बगैर बांध का जलस्तर बढ़ा दिया है। इससे सैकड़ों एकड़ जमीन डूब में आ गई है और सैकड़ों परिवारों की रोजीरोटी संकट में पड़ गई है।
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