अनूपपुर, 11 दिसंबर (आईएएनएस)। नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने के मकसद से रविवार को दोपहर बाद उद्गम स्थल अमरकंटक से नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा शुरू हो रही है। इस यात्रा में साधु-संतों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार सुबह विभिन्न आश्रमों में पहुंचे।
मुख्यमंत्री चौहान ने रविवार सुबह नर्मदा सेवा यात्रा शुरू होने के पहले अमरकंटक स्थित विभिन्न आश्रमों का भ्रमण किया। उन्होंने संत महात्माओं से भेंट कर नर्मदा सेवा यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी दी और उन्हें यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने आचार्य महामंडलेश्वर सुखदेवानंद से भेंट की। आचार्य ने यात्रा की सराहना करते हुए उन वृक्षों को लगाने का सुझाव दिया जो जल संरक्षण और संवर्धन में मदद करते हैं। इनमें पीपल, बरगद, चीकू, आम, अर्जुन, झिरी आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रजातियों के पौधे लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
चौहान ने मृत्युंजय आश्रम पहुंचकर महामंडलेश्वर हरिहरानंद, कल्याण आश्रम में संत महात्माओं से भेंट की। उन्होंने यहां पूजा-अर्चना की और संतों को यात्रा में शामिल होने का न्यौता दिया। इसी तरह अन्य आश्रमों और धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण किया।
मुख्यमंत्री ने अमरकंटक स्थित प्राचीन मंदिर समूहों का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक नगरी को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे मां नर्मदा को प्रदूषण मुक्त किया जाए। नर्मदा सेवा यात्रा के संयोजक एवं जनअभियान परिषद के पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
नर्मदा को प्रदूषणमुक्त बनाने और नदी के संरक्षण के लिए जागरूकता पैदा करने के उद्देष्य से प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से 144 दिवसीय ‘नमामि देवी नर्मदे’ सेवा यात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री रविवार को ही करने वाले हैं। यात्रा अपराह्न् तीन बजे के बाद शुरू होने की उम्मीद है।
यात्रा नर्मदा नदी के तट पर स्थित नगरों एवं कस्बों से होकर 16 जिलों से गुजरेगी। यात्रा का पहला पड़ाव अमरकंटक नगर से तीन किलोमीटर दूर स्थित अमरकंटक की सीमा के अरंडी आश्रम में होगा।
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