भोपाल, 27 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश को पेयजल व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि में लगातार हो रही कटौती का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा किया और सदन से बहिर्गमन कर गए।
भोपाल, 27 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश को पेयजल व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि में लगातार हो रही कटौती का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा किया और सदन से बहिर्गमन कर गए।
कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने प्रश्नकाल के दौरान वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 की अवधि में पेयजल के लिए केंद्र से मिलने वाली राशि का ब्यौरा मांगा था। उन्हें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री कुसुम महदेले ने जो जवाब दिया उसके अनुसार, 2012-13 में पेयजल के लिए 53955 लाख रुपये की राशि मिली थी। वह 2016-17 में 9680 लाख रह गई। इस पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
मरकाम ने सरकार के जवाब के आधार पर कहा कि संप्रग सरकार के काल में राज्य को ज्यादा राशि मिलती थी, मगर मोदी सरकार ने उसमें कटौती कर दी है।
कांग्रेस विधायकों के शोर के बीच ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि केंद्र में ग्रामीण विकास, पंचायत व पेयजल विभाग एक ही हैं, इस बार राज्य के इन विभागों को 1400 करोड़ रुपये मिले है। यह राशि यूपीए सरकार के काल में मिली राशि से तीन गुणा है।
कांग्रेस विधायकों बाला बच्चन, जीतू पटवारी व रामनिवास रावत ने मंत्री से पूछा कि क्या वे राशि बढ़वाने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करेंगी। रावत ने तो मुख्यमंत्री चौहान द्वारा संप्रग के शासनकाल में धरना दिए जाने का जिक्र किया और कहा कि क्या अब वे यह राशि बढ़वाने के लिए प्रयास करेंगे।
सदन में मौजूद मुख्यमंत्री चौहान ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सा 32 से 42 प्रतिशत कर दिया है, जिससे मध्यप्रदेश को 10 हजार करोड़ ज्यादा मिले हैं। इस बीच कांग्रेस विधायकों का हंगामा जारी रहा और वे बहिर्गमन कर गए।
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