भोपाल, 20 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बाढ़ पीड़ितां को राहत के नाम पर मिट्टी वाला गेहूं बांटे जाने के मामले पर विधानसभा में बुधवार को विपक्षी दल कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया।
सरकार ने जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है।
भोपाल में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए सरकार द्वारा नागरिक आपूर्ति विभाग के जरिए 50-50 किलो गेहूं की बोरी बांटी जा रही है। प्रभावित परिवारों को जो गेहूं की बोरियां बांटी गई है। उनमें काफी मात्रा में मिट्टी निकली है। इस मामले को कांग्रेस के विधायक जयवर्धन सिंह ने उठाया।
उन्होंने कहा कि जब राजधानी में यह हाल है तो ग्रामीण इलाके में क्या हो रहा होगा। इसका अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है।
मिटटी वाले गेहूं पर कांग्रेस की ओर से रामनिवास रावत, आरिफ अकील, जीतू पटवारी, मुकेश नायक ने अपनी बात रखी। साथ ही सरकार से मामले की जांच की मांग की।
कांग्रेस विधायक एक पैकेट में मिट्टी मिले गेहूं लेकर पहुंचे।
इस चर्चा के दौरान हाल ही में उम्रदराज होने के कारण मंत्री पद से हटाए गए विधायक बाबूलाल गौर ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर सड़ा अनाज बांटा जा रहा है, जिससे लेागों के बीमार होने का खतरा है।
सरकार की ओर से प्रवक्ता और संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी मिले गेहूं के बंटने के मामले की जांच कराई जाएगी।
मिश्रा द्वारा मिट्टी वाला गेहूं किसानों से खरीदे जाने का बयान दिए जाने पर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने सख्त आपत्ति दर्ज कराई।
गौरतलब है कि बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते राजधानी की निचली बस्तियों में पानी भर गया था और लगभग 80 हजार की आबादी इस बाढ़ से प्रभावित हुई थी।
राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था। इसी संदर्भ में प्रभावित परिवारों को 50-50 किलो गेहूं और पांच-पांच लीटर केरोसिन बांटा जा रहा है।
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