ग्वालियर, 28 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में हावी होती नौकरशाही की छाया बुधवार से ग्वालियर में शुरू हुई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन देखने को मिली। पार्टी उपायक्ष और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्घे ने मूलमंत्र (विचारधारा) पर तंत्र (नौकरशाही) हावी होने की बात कही।
ग्वालियर में शुरू हुई कार्यसमिति में मुख्य अतिथि डॉ. सहस्त्रबुद्घे ने इशारों इशारों में हावी होती नौकरशाही पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “मौजूदा दौर में जब बाहरी आवरण सामाजिक रूप में स्थापित होता है, तब हम अपना मूलमंत्र भूल जाते हैं और तंत्र हम पर हावी होने लगता है। इसलिए भाजपा में प्रत्येक कार्यकर्ता को पंडित उपाध्याय के बताए सहजता, सादगी और सेवा के मूलमंत्र को नहीं भूलना चाहिए।”
ग्वालियर के प्रगति विद्या पीठ में बुधवार से भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा गरीब कल्याण अभियान को जनांदोलन बनाने का है, मगर बैठक के पहले ही दिन राज्य की नौकरशाही की बात आ गई।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) व अनुशांगिक संगठनों की भोपाल में हुई संयुक्त बैठक में भी नौकरशाही के रवैए को लेकर सवाल उठे थे। इतना ही नहीं रविवार को बालाघाट में संघ प्रचारक की थाने में पिटाई पर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी ट्वीट कर नौकरशाही पर सवाल उठाए थे।
सहस्त्रबु द्धे ने प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों के समक्ष पं़ दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व और उनके द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानव दर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में मूल्य विवेक, आचार संहिता, वैचारिक प्रतिबद्घता और नीति निर्माण को जिस प्रखरता के साथ प्रतिष्ठित किया है, वह अद्वितीय है।
सहस्त्रबुद्घे ने विस्तार से बताया कि किस तरह इन मूल्यों के साथ पं. उपाध्याय ने भारतीय जनसंघ को देश की संसदीय राजनीति में स्थापित किया। उन्होंने कहा, “पं़ दीनदयाल के दौर में उनके बताए दर्शन पर अमल करना संसाधनों की अनुपलब्धता के चलते थोड़ा कठिन था, परंतु आज हमारे साथ प्रचुर अनुकूलताएं हैं। संगठन की ताकत तुलनात्मक रूप से सशक्त हुई है। लिहाजा आज एकात्म दर्शन को अमल में लाने का संकल्प आसानी से पूर्ण हो सकता है।”
पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिह चौहान ने कहा, “मध्यप्रदेश में पार्टी संगठन दीनदयाल जन्मशती वर्ष को लोक कल्याण वर्ष के रूप में मनाएगा। आज की सामाजिक, आíथक, परिस्थितियों में एकात्म मानववाद ही एकमात्र व्यावहारिक विकल्प और शासन का मूलमंत्र है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन्मशती को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।”
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पहले दिन राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया गया। 19 बिदुओं वाले प्रस्ताव पर समग्रता से चर्चा की गई। राजनैतिक प्रस्ताव प्रदेश महामंत्री अजयप्रताप सिह ने प्रस्तुत किया। प्रस्ताव का समर्थन प्रदेश उपाध्यक्ष अरविन्द भदौरिया, विधायक प्रदीप लारिया ने किया। प्रस्ताव पर चर्चा कर उसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
कार्यसमिति के पहले दिन पार्टी उपाध्यक्ष प्रभात झा, पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री नरेन्द्रसिह तोमर आदि उपस्थित थे।
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