भोपाल, 16 नवंबर (आईएएनएस)। माना जाता है कि राजनीति में चुनाव जीतने के लिए हर मजबूत और कमजोर हथियार का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि कार्यकर्ता का काम नेता और नेता का काम कार्यकर्ता नहीं कर सकता। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव में इसी जिले से विधायक और मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया से दूरी बना ली है।
गुरुवार को हुई मंडल स्तर की बैठक में भी यशोधरा नजर नहीं आईं। शिवपुरी जिला गुना संसदीय क्षेत्र में आता है। यहां से ज्योतिरादित्य सिंधिया सांसद हैं। यह इलाका सिंधिया परिवार के प्रभाव वाला है। ज्योतिरादित्य की बुआ यशोधरा शिवपुरी से विधायक और शिवराज सरकार में खेल मंत्री हैं। यहां के कोलारस विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। भाजपा इस उपचुनाव में जीत दर्ज कराना चाहती है। इस काम के लिए पार्टी ने बड़े नेताओं की ड्यूटी लगाई है।
कोलारस में भाजपा के मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं की गुरुवार को बैठक हुई जिसमें खेल मंत्री यशोधरा नहीं पहुंची। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक रामेश्वरम शर्मा सहित तीन मंत्री उमाशंकर गुप्ता, रुस्तम सिंह, विश्वास सारंग मौजूद थे।
भाजपा ने कोलारस उपचुनाव के लिए जो टीम बनाई है, उनमें प्रदेश सरकार के मंत्री उमाशंकर गुप्ता, रुस्तम सिंह, विश्वास सारंग, लालसिंह आर्य और संगठन से भाजपा प्रदेश के उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा को प्रभारी बनाया है।
कोलारस में गुरुवार को आयोजित हुई बैठक में भाग लेने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा से जब पत्रकारों ने पूछा कि इस बैठक में यशोधरा क्यों नहीं आईं, तो इस पर झा ने कहा कि यह संगठन की बैठक थी। जो कार्यकर्ता और पदाधिकारी यहां पर अपेक्षित था वह यहां मौजूद रहा।
शिवपुरी जिले में यशोधरा का अच्छा प्रभाव होने के बावजूद उन्हें यहां कोई जिम्मेदारी न सौंपे जाने के सवाल पर झा ने कहा, “समय आने पर खेल मंत्री का उपयोग किया जाएगा। खेल मंत्री उपचुनाव में प्रचार के लिए आएंगी।”
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