भोपाल, 1 सितंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ब्रिटेन उच्चायोग (ब्रिटिश हाईकमीशन) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान शुक्रवार को भारत और ब्रिटेन के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिटेन मप्र में कई क्षेत्रों में सहयोग कर सकता है, क्योंकि उन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।
आधिकारिक तौर पर उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, चौहान ने ब्रिटेन उच्चायोग के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल और पर्यटन गतिविधियों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में विकास दर दस प्रतिशत तक पहुंच गई है। विगत पांच वर्षो से कृषि विकास दर औसतन 20 प्रतिशत बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण की अवधारणा के अनुसार, मध्यप्रदेश के नव-निर्माण के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में सभी वर्गो का आर्थिक विकास सुनिश्चित करने की कोशिशें जारी हैं। प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की विशेष पहल हुई है।
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाएं प्रदेश में चलाई गई हैं, ताकि महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़े और सामाजिक सोच में बदलाव आए। इसके साथ ही महिलाओं की सत्ता में भागीदारी बढ़ाई गई है।
ब्रिटेन उच्चायोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ आए संस्कृति मंत्री एलन गेममेल ने मुख्यमंत्री चौहान को बताया कि वह दूसरी बार भोपाल आए हैं और जनजातीय संग्रहालय देखकर अत्यंत प्रभावित हैं।
गेममेल ने प्रदेश में ब्रिटिश पर्यटकों को आमंत्रित करने में सहयोग का आग्रह किया। उच्च शिक्षा में अंग्रेजी शिक्षण प्रणाली, शोध और प्राथमिक शिक्षकों के अंग्रेजी प्रशिक्षण में किए जा रहे सहयोग के बारे में भी बताया।
उन्होंने न्यायालयीन प्रणाली, प्रशासन तंत्र और पर्यटन से जुड़े अमले के लिए अंग्रेजी के कौशल उन्नयन की परियोजनाओं की जानकारी दी तथा इन क्षेत्रों में राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में विकास और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं की प्रगति से प्रतिनिधिमंडल अत्यंत प्रभावित है।
प्रतिनिधिमंडल में ब्रिटेन उच्चायोग की डायरेक्टर (वेस्ट इंडिया) हेलन सिलवेस्टर, वरिष्ट क्षेत्रीय सलाहकार यश मेहरा, पार्टनरशिप हेड वर्णन डिसूजा भी शामिल थे।
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