‘मप्र में ढाई साल में 74 बाघों की मौत’

भोपाल 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष आजाद सिंह डबास ने राज्य में हो रहे बाघों के शिकार पर चिंता जताई और कहा कि बीते ढाई साल में राज्य में 74 बाघों की मौत हुई है।

उन्होंने साथ ही कहा कि बाघों की गणना में हेराफेरी भी हो रही है।

डबास ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कहा, “राज्य में वर्ष 2016 में 33 और वर्ष 2017 में 30 बाघों की मौत हुई। वहीं इस वर्ष अब तक 11 बाघों की जान जा चुकी है, जबकि जिम्मेदार वन विभाग के अफसर इन मौतों को सामान्य मौत बताने पर तुले हुए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “विगत कुछ दिनों से कान्हा, पन्ना टाईगर रिजर्व से बाघों के आपसी संघर्ष की खबरें आ रही हैं। इससे एक बात तो साफ हो जाती है कि टाईगर रिजर्व में कोर एरिया के बाहर जो बफर जोन बनाए गए हैं, वह सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। बफर जोन में न तो पर्याप्त संख्या में शाकाहारी जानवर मौजूद है और न ही पीने के पानी का इंतजाम है।”

डबास ने कहा, “बफर क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में घास भी उपलब्ध नहीं है, जिससे मजबूर होकर बाघ को कोर एरिया में जाना पड़ता है और आपसी संघर्ष की स्थिति पैदा होती है।”

डबास ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में टाईगर रिजर्व की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए वन विभाग के अफसरों पर अपनी जिम्मेदारी का ठीक तरह से निर्वहन न करने का आरोप लगाया है और साथ ही वास्तविकता के खुलासे के लिए जांच की मांग की।

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