भोपाल, 21 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जारी बारिश से मची तबाही के लिए जलपुरुष के नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह ने प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ और अनियोजित विकास को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सरकारों से इस तबाही से सीख लेकर प्रकृति के अनुकूल विकास के मॉडल को चुनने का आग्रह किया है।
भोपाल, 21 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जारी बारिश से मची तबाही के लिए जलपुरुष के नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह ने प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ और अनियोजित विकास को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सरकारों से इस तबाही से सीख लेकर प्रकृति के अनुकूल विकास के मॉडल को चुनने का आग्रह किया है।
सिंह ने रविवार को बयान जारी कर कहा, “मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड सहित अन्य स्थानों पर हुई बारिश से बाढ़ के हालात बने हुए हैं। राज्य को इस बार प्रकृति के क्रोध का शिकार बनना पड़ा है। हर तरफ तबाही का मंजर है।”
मई-जून की स्थितियों का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा, “तब यह इलाका सूखे का प्रतीक बना हुआ था और अब बाढ़ के कारण चर्चाओं में है। यह सब प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ तथा अनियंत्रित विकास के चलते हो रहा है। गांव के गांव व बस्तियां जलमग्न है, आम लोगों का जीवन मुश्किल भरा हो गया है, फसलों पर भी संकट गहराया हुआ है।”
उन्होंने कहा है कि एक समय में मध्य प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से देश के संपन्न राज्यों में से एक था, मगर पिछले वर्षो में प्राकृतिक संसाधनों की लूट ने इस तरह के हालात निर्मित किए हैं। यह स्थितियां सरकारों के लिए चेतावनी है कि वह इससे सीख ले और विकास के उस मॉडल को चुने जो प्रति के अनुकूल हो, वरना समाज इसी तरह की तबाही का शिकार बनता होगा।
ज्ञात हो कि बीते दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। नदी नाले उफान पर हैं, बस्तियों में पानी भरा हुआ है। कई गांव को खाली कराया जा रहा है, सैकड़ों परिवार राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं और कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है।
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