भोपाल, 18 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश से सांसद और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे के निधन पर राज्य में शोक की लहर व्याप्त है। राज्यपाल ओ.पी. कोहली और राज्य सरकार के मंत्रियों ने दवे के निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
दवे का गुरुवार की सुबह हृदय गति रुक जाने से दिल्ली में देहावसान हो गया। उनके पार्थिव शरीर को भोपाल लाया जाएगा और शुक्रवार को अंत्येष्टि होगी।
राज्यपाल कोहली ने शोक संदेश में कहा है कि दवे के निधन से देश और प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके नर्मदा और पर्यावरण संरक्षण के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
राज्य के खनिज साधन मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दवे के निधन को अपनी व्यक्तिगत क्षति बताते हुए शोक संदेश में कहा है कि दवे का नाम कुशल संगठक, लोकप्रिय तथा गंभीर राजनेता के रूप में शुमार था। वहीं पर्यावरण संरक्षण में दिए उनके उल्लेखनीय योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा है कि दवे के आकस्मिक निधन की सूचना से उन्हें गहरा आघात लगा है। उनके निधन से प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की अपूरणीय क्षति हुई है। उनके निधन से उत्पन्न हुए खालीपन को शायद ही कोई भर पाएगा।
जनसंपर्क मंत्री डॉ़ नरोत्तम मिश्र ने दवे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दवे ने सार्वजनिक जीवन में सामाजिक सरोकारों से जुड़कर सक्रिय भूमिका निभाई। पर्यावरण के क्षेत्र में सैद्धांतिक और व्यावहारिक स्तर पर अध्ययन, अनुसंधान में रुचि रखते थे।
गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री दवे के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। सिंह ने कहा कि दवे कुशल चिंतक, विचारक और पर्यावरणविद थे। पर्यावरण के हित के लिए उन्होंने मां नर्मदा की परिक्रमा की और समाज को जागृत किया।
राज्य की धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया तथा नगरीय विकास मंत्री माया सिंह ने दवे के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। यशोधरा ने कहा कि दवे का असामयिक निधन अविश्वसनीय है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने दवे के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संदेश में कहा है कि ‘एक विद्वान-पुरुष के इस तरह चले जाने से मैं स्तब्ध हूं।’
उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा, “एक सरल-सजग, धीर-गंभीर नेता हमने खोया है। उन्होंने पर्यावरण और नदी संरक्षण के क्षेत्र में जो काम किए हैं, वे आने वाली पीढ़ी के लिए सीख बनेंगे।”
सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने दवे को एक विचार-पुरुष करार देते हुए कहा कि उनके अंदर विचारों का कुंभ समाहित था। उनके विचारों से हमें मार्गदर्शन मिला है, जिन्हें हम धरातल पर लाने का प्रयास करते रहेंगे।
तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी, राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, महिला बाल विकास राज्यमंत्री ललिता यादव ने दवे के निधन को राज्य और देश के लिए बड़ी क्षति बताया है।
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