भोपाल, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में सरकारी अस्पतालों की नर्से अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को एक दिन के सांकेतिक हड़ताल पर रहीं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने नर्सो की हड़ताल पर सवाल उठाया और उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा भी दिलाया।
राज्य में सातवें वेतनमान सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर नर्से मंगलवार की सुबह हड़ताल पर चली गईं। नर्सो ने अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की। इस हड़ताल से तमाम चिकित्सा महाविद्यालयों के अस्पतालों से लेकर अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ा गईं।
राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में नर्सो ने मप्र नर्सेस एसोसिएशन की अध्यक्ष मंजू मेश्राम के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें पूरी करने का सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिया गया, मगर अब तक उन आश्वासनों पर अमल नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो नौ नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी।
इसी तरह राज्य के इंदौर में एमवाई अस्पताल, जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल व ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में नर्सो ने प्रदर्शन किया।
ग्वालियर में संयुक्त नर्स एसोसिएशन की प्रदेशाध्यक्ष रेखा परमार ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यभर के अस्पतालों की नर्से नौ नवंबर से बेमियादी हड़ताल पर चली जाएंगी।
प्रदेशव्यापी इस एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल में राज्य की 20 हजार से ज्यादा नर्सो ने हिस्सा लिया। नर्सो ने आवश्यक सेवाओं में सहयोग किया। इसके अलावा विभिन्न अस्पतालों के प्रशासन ने मरीजों को सहूलियत देने के लिए प्रशिक्षणरत नर्सिग स्टॉफ की मदद ली।
वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं आवश्यक सेवाएं हैं। लिहाजा नर्सो को हड़ताल पर नहीं जाना चाहिए। उन तक भी सात सूत्रीय मांग पत्र आया। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ज्ञात हो कि राज्य में इन दिनों डेंगू, चिकिनगुनिया जैसी बीमारियों का प्रकोप बना हुआ है, अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। इसी बात को ध्यान में रखकर नर्सो ने आवश्यक सेवाएं देने का फैसला लिया। सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं हालांकि बुरी तरह प्रभावित रहीं।
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