भोपाल, 30 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के तहत अब बच्चों को पाउडर मिल्क की जगह फ्लेवर्ड मिल्क दिया जाएगा। यह फैसला बुधवार को पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया।
आधिकारिक तौर पर जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पशुपालन मंत्री अंतर सिंह आर्य ने समीक्षा बैठक में कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए वसा (फैट) बेहतर होता है, मगर पाउडर दूध में वसा तत्व कम और तरल दूध में अधिक होता है।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में आपातकालीन एवं घर पहुंच पशु चिकित्सा सेवा प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए भारत सरकार से टोल फ्री नंबर ‘1962’ प्राप्त कर लिया गया है। यह सेवा पशु चिकित्सा के लिए ठीक उसी तरह काम करेगी जैसे ‘108’ बीमार, दुर्घटनाग्रस्त आम आदमी के लिए कर रही है।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन अजीत केसरी एवं राज्य सहकारी दुग्ध संघ की महाप्रबंधक अरुणा गुप्ता ने भी हिस्सा लिया।
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