भोपाल, 1 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि हर वर्ष ढाई लाख लड़कियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने गुरुवार को यहां ‘वैश्विक कौशल विकास और रोजगार में भागीदारी सम्मेलन 2017’ में कहा, “कौशल विकास राज्य सरकार का मिशन है। कौशल विकास से बेरोजगारी की समस्या को समाप्त करने का महाअभियान चलाया जाएगा। श्रम को प्रतिष्ठित करने के लिए कौशल विकास के माध्यम से रोजगार निर्माण पर ध्यान देना जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य संवारने के सभी संभव प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को कौशल संपन्न बनाकर बेरोजगारी से मुक्ति देने की क्रांतिकारी शुरुआत प्रदेश में हुई है।
चौहान ने प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण की तैयारियों और योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा, “सिंगापुर के सहयोग से 600 करोड़ रुपये की लागत से भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित होगा। प्रत्येक संभाग में कम से कम एक आदर्श आईटीआई खोला जाएगा। हर साल ढाई लाख बेटियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। दिव्यांगों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिलाओं के स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को आंदोलन का रूप दिया जाएगा।”
इस मौके पर मौजूद केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, “पिछले छह दशक में शिक्षा को कौशल विकास का साथ नहीं मिला। इसलिए कौशल विकास के क्षेत्र को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल पाई। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर पहली बार कौशल विकास को महत्व मिला है।”
रूड़ी ने कहा, “जिस मात्रा में उद्योगों में रोजगार उपलब्ध है उस मात्रा में कौशल संपन्न जनशक्ति तैयार नहीं हो पा रही है। उद्योगों और कौशल की आवश्यकता में परस्पर गठजोड़ की जरूरत है, इसके लिए सभी राज्यों को तैयार होना होगा। निर्माण के क्षेत्र में तीन करोड़ लोगों की जरूरत है। अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में प्रशिक्षित लोग चाहिए।”
उन्होंने बताया कि देश में 13 हजार आईटीआई हैं, जिनमें 23 लाख युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब आईटीआई में आठवीं पास बच्चे को 10वीं और 10वीं पास बच्चों को बारहवीं कक्षा की मान्यता होगी। उद्योगों के सुझाव पर नए ट्रेड भी पढ़ाए जाएंगे।
इस मौके पर प्रदेश के उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
भारतीय उद्योग परिसंघ के वेस्टर्न रीजन प्रमुख अरुण नंदा ने कहा कि लघु उद्यमिता कम होती जा रही है। इसे बढ़ावा देना सबकी साझा जिम्मेदारी है।
आईटीसी के प्रमुख चितरंजन दार ने कहा, “आईटीसी खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रदेश में काम कर रहा है। सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती में कदम बढ़ाया है।”
नौकरी डॉट कॉम के वी़ सुरेश ने कहा कि जल्दी ही मोबाइल उपयोग में भारत अमेरिका को पीछे छोड़ देगा। उन्होंने कहा कि यह मिथक है कि प्रौद्योगिकी रोजगार खत्म कर देती है, इसके उलट प्रौद्योगिकी रोजगार निर्माण में सहायक होती है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, महिला-बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी, सूक्ष्म लघु एवं लघु एवं मध्यम उद्योग राज्यमंत्री संजय पाठक, बड़ी संख्या में युवा उद्यमी एवं उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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