भोपाल, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय-सत्येन्द्र पाठक ने मंगलवार को कहा कि लघु उद्यमियों को बड़े उद्योगों से जोड़ने की कोशिशें जारी हैं, और इनके उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग ने इसके लिए पोर्टल भी शुरू किए हैं।
पाठक ने कहा, “लघु उद्यमियों को बड़े उद्योगों से जोड़कर उन्हें उनके आपूर्तिकर्ता के रूप में विकसित किया जा रहा है। वेन्डर विकास योजना में 76 एंकर यूनिट तथा 580 वेन्डर यूनिट चयनित किए जा चुके हैं। इस यूनिट के उत्पाद डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एमपीवीडीपी डॉट इन पर प्रदर्शित है।”
पाठक ने कहा कि प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के लिए निर्यात पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एमपीएडएमई डॉट इन तैयार किया गया है। इसे विदेश में 17 विभिन्न भाषाओं में देखा जा सकता है। निर्यात पोर्टल पर 650 इकाइयां पंजीकृत हो चुकी हैं।
राज्य मंत्री पाठक ने आगे कहा कि एकीकृत कौशल विकास योजना (आईएसडीएस) में प्रदेश के 11,087 बेरोजगार युवक-युवतियों को वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि आईएसडीएस योजना भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से अप्रैल 2015 से प्रदेश में चल रही है। इस योजना में प्रदेश के बेरोजगार युवक-युवतियां, जो कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण हैं, को वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध करवाया जाता है।
पाठक ने कहा कि मॉनिटिंरग ऑन लाइन पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आईएसडी-टेक्सिल डॉट इन पर प्रशिक्षण केन्द्र, प्रशिक्षणार्थियों की संख्या, असेसमेंट, सर्टिफिकेशन तथा प्लेसमेंट आदि की जानकारी उपलब्ध है।
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