भोपाल, 28 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस विधायकों ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले को लेकर की गई टिप्पणी और निलंबित महिला दलित आईएएस अफसर शशि कर्णावत द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु मांगे जाने का मामला उठाया।
इसको लेकर कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने व्यापम घोटाले को लेकर टिप्पणी की है, सर्वोच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश सरकार को आईना दिखाया है और कहा है कि यह व्यापम घोटाला समूचे देश का घोटाला है, इसमें पूरे देश के लोग जुड़े हुए हैं।
डॉ. सिंह ने आगे कहा कि इस टिप्पणी से सरकार को शर्म आनी चाहिए और मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
इस पर संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि इसमें सरकार का क्या है, सरकार ने ही घोटाले को उजागर किया था और सर्वोच्च न्यायालय भी गई।
व्यापम घोटाले पर जिरह चल ही रही थी, तभी कांग्रेस विधायक सुंदर लाल तिवारी ने इच्छामृत्यु की मांग करने वाली निलंबित दलित आईएएस अफसर शशि कर्णावत का मामला उठा दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रशासनिक हालात अच्छे नहीं हैं, मुख्यमंत्री के ही क्षेत्र में आदिवासियों ने इच्छामृत्यु मांगी है।
इस दौरान रामनिवास रावत ने कहा कि कर्णावत दलित अफसर हैं और राज्य में दलित अफसरों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
कांग्रेस विधायक हिना खिलीराम कांवरे ने लांजी विधानसभा क्षेत्र में दो युवकों को जिंदा जलाकर मारे जाने का मामला उठाया।
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