कोलकाता, 28 जुलाई (आईएएनएस)। परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोदकर ने भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल किए जाने के प्रति आशा जताई है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि पेरिस जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के दौरान जताई गई प्रतिबद्धता की सफलता के लिए परमाणु ऊर्जा बेहद अहम है।
काकोदकर ने चीन द्वारा भारत की एनएसजी सदस्यता का विरोध किए जाने वाले प्रश्न पर पत्रकारों से कहा, “हमें सभी देशों के साथ बातचीत करनी होगी, क्योंकि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय समन्वय हमेशा आपसी हित वाला होता है। इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि वे साथ आएंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को अत्याधुनिक परमाणु प्रौद्योगिकी से संपन्न एक जिम्मेदार देश के तौर पर देखा जाता है, इसलिए इसका कहीं न कहीं तो हमें लाभ उठाना होगा।”
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के पूर्व निदेशक काकोदकर ने कहा कि भारत को एनएसजी में शामिल किए जाने का मुद्दा विचार-विमर्श और बातचीत का मुद्दा है।
उन्होंने कहा, “आपसी हित के मुद्दों पर सभी देश मिलकर काम करते हैं। मेरे विचार से एनएसजी का सदस्य बनना निश्चित तौर पर भारत के हित में है, लेकिन ऐसे तर्क दिए जा रहे हैं कि इसे इस तरह प्रचारित किया जाए कि यह अंतर्राष्ट्रीय हित की बात भी लगे।”
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