चेन्नई, 10 जून (आईएएनएस)। एमडीएमके के नेता वाइको ने कहा है कि मलेशियाई आव्रजन अधिकारियों ने उनसे कुआलालंपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर जिस तरह का सलूक किया, उनमें सामान्य शिष्टाचार का भी अभाव था।
यहां पहुंचने पर जब संवाददाताओं ने वाइको से पूछा कि क्या मलेशिया में उनके साथ अपराधी जैसा सलूक किया गया? उन्होंने कहा, “नहीं, ऐसा नहीं था। लेकिन उनमें सामान्य शिष्टाचार का भी अभाव था।”
वाइको को शुक्रवार को मलेशिया में घुसने से रोक दिया गया और कहा गया कि वे प्रतिबंधित संगठन लिट्टे के समर्थक हैं और देश के लिए खतरा हैं।
एमडीएमके नेता ने कहा कि वे इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मलेशिया की सरकार से स्पष्टीकरण मांगने को कहेंगे।
उन्होंने कहा कि मलेशिया की सरकार का यह कदम निंदनीय है, क्योंकि उनके खिलाफ वहां कोई मामला दर्ज नहीं है। दोनों देशों के संबंध भी अच्छे हैं तथा वे पूर्व सांसद हैं।
वाइको ने कहा कि अमेरिका ने भी उन्हें प्रतिबंधित संगठन से ताल्लुक रखने के कारण वीजा नहीं दिया। उन्होंने कहा, “मैंने अमेरिकी अधिकारियों से कहा कि मैं उस संगठन का सदस्य नहीं हूं, लेकिन समर्थक हूं। लेकिन वे नहीं माने।”
वाइको के मुताबिक, श्रीलंका के एक पूर्व उपउच्चायुक्त ने सभी देशों के दूतावासों को उनके बारे में डोजियर भेजा, जिसके कारण उन्हें किसी भी देश का वीजा नहीं मिल रहा है।
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