नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। फ्रांसीसी दवा कंपनी सनोफी की टीका इकाई सनोफी पाश्चर के एक अधिकारी ने कहा है कि उसकी कंपनी द्वारा बनाया गया डेंगू का टीका महंगा नहीं लग रहा है। डेंगू के इस पहले टीके को 11 देश पहले ही मंजूरी दे चुके हैं। इसे भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तकनीकी समिति की भी स्वीकृति मिल गई है।
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। फ्रांसीसी दवा कंपनी सनोफी की टीका इकाई सनोफी पाश्चर के एक अधिकारी ने कहा है कि उसकी कंपनी द्वारा बनाया गया डेंगू का टीका महंगा नहीं लग रहा है। डेंगू के इस पहले टीके को 11 देश पहले ही मंजूरी दे चुके हैं। इसे भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तकनीकी समिति की भी स्वीकृति मिल गई है।
एक ई-मेल साक्षात्कार में आईएएनएस से सनोफी पाश्चर के भारत, श्रीलंका और नेपाल के प्रमुख जीन पिएरे बेलेट ने कहा कि हमने कई देशों के विश्लेषण में पाया है कि सनोफी पाश्चर का डेंगू का टीका विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानदंड के अनुसार किफायती और पैसा बचाने वाला पाया गया है।
बेलेट ने कहा कि गणितीय मॉडलिंग से पता चलता है कि हमारे टीके का असली मूल्य डेंगू फैलने की स्थिति में इसकी तीव्रता और बारंबारता को कम करने और डेंगू के बोझ को पर्याप्त रूप से कम करने में सक्षम है, बशर्ते इसकी पूरी तीन डोज बड़े स्तर पर टीकाकरण कार्यक्रम चलाकर समय पर दी जाए।
गत छह अक्टूबर को प्रकाशित स्वास्थ्य मंत्रालय की तकनीकी समिति के कार्यविवरण में सनोफी पाश्चर के डेंगू के टीके को 18 से 45 साल तक आयु वर्ग के लोगों के लिए स्वीकृति देने की संस्तुति की गई है। भारत सहित दुनिया भर में 40 हजार से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए रोग विषयक अध्ययन पर जो रिपोर्ट प्रकाशित हुई है, उसके आधार पर यह स्वीकृति दी गई है।
अभी 11 देशों में सनोफी पाश्चर के डेंगू के इस टीके को स्वीकृति मिली हुई है और करीब 15 लाख टीके वितरित किए गए हैं।
बेलेट के अनुसार तकनीकी समिति की संस्तुति के बाद इसका अंतिम मूल्यांकन और इसकी स्वीकृति का निर्णय भारतीय नियामक प्राधिकरण को लेना है।
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