वाराणसी, 2 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और प्रसिद्घ वैज्ञानिक आऱ चिदम्बरम ने गुरुवार को कहा कि महंगे वैज्ञानिक उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत देश में ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण बनाए जाएंगे।
चिदम्बरम के मुताबिक इसके लिए पहल शुरू हो गई है। इसी माह देश के शीर्षस्थ वैज्ञानिकों की एक बैठक नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (एनपीएल) में बुलाई गई है। चिदम्बरम ने गुरुवार को वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बातें कही।
चिदम्बरम आईआईटी बीएचयू की ओर से इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करने यहां आए थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के शोध व अन्य कार्यो में जिन वैज्ञानिक उपकरणों का प्रयोग हो रहा है, वे अधिकतर विदेशों में निर्मित होते हैं।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में विदेशी संस्थानों के साथ मिलकर देश में ही उपकरण के निर्माण का काम होगा। इसके बाद यह प्रक्रिया क्रमश: स्वदेशी हो जाएगी। अभी सीधे विदेशी उपकरणों से मुकाबला नहीं किया जा सकता।
चिदंबरम ने कहा कि वैज्ञानिक उपकरणों का काफी बड़ा बाजार है। इसमें भारत के लिए काफी संभावनाएं हैं। विदेशों में बने ये उपकरण देश में आधी कीमत पर बनाए जा सकते हैं। देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उनका उपयोग करना होगा।
इससे पहले चिदम्बरम ने इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोप सोसायटी के 37वें अधिवेशन और इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोपी पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। यहां पर भी उन्होंने स्वदेशी इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप विकसित करने पर जोर दिया।
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