महाराष्ट्र : महिला कार्यकर्ता पर हमले के लिए 5 पुजारियों पर मामला

कोल्हापुर(महाराष्ट्र), 16 अप्रैल (आईएएनएस)। पुलिस ने यहां भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई पर 13 अप्रैल को श्रीमहालक्ष्मी मंदिर परिसर में हमला करने के लिए मंदिर के पांच पुजारियों सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने शनिवार को कहा कि पांचों आरोपी पुजारियों में केदार मुनेश्वर, श्रीष मुनेश्वर, मयूर मुनेश्वर, चैतन्य अशतेकर और निखिल शानबाग शामिल हैं। सभी मंदिर में कार्यरत हैं।

यहां जूनाराजवाड़ा पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में पांचों पुजारियों के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दो स्थानीय कार्यकर्ताओं -किशन कल्याणकर और जयकुमार शिंदे- और उनके अज्ञात समर्थकों के नाम भी दर्ज हैं।

घटना बुधवार शाम की है, जब तृप्ति और उनके समर्थकों ने यहां मंदिर के पवित्र गर्भ गृह में जाने का प्रयास किया, जहां महिलाओं को प्रवेश करने का अधिकार नहीं है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “आरोपियों और उनके समर्थकों ने जानबूझकर और अवैध रूप से उन्हें रोकने का प्रयास किया। उन्हें धक्का दिया, उन पर हल्दी, कुमकुम और स्याही फेंकी और उन्हें शारीरिक चोट पहुंचाने की कोशिश की।”

आरोपियों पर पुलिस को अपना काम करने से रोकने और मंदिर परिसर में पुलिसकर्मियों पर बल प्रयोग करने के प्रयास का आरोप भी लगाया गया है। स्थानीय अदालत में इसकी रपट भेज दी गई है।

घटना के कुछ देर बाद ही घायल तृप्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह दो दिन सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रहीं। शुक्रवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।

बाद में मंदिर के पुजारियों ने इस बात से इंकार किया कि उन्होंने तृप्ति पर हमला किया था। उन्होंने दावा किया कि वे उन्हें मंदिर की परंपराओं और मंदिर के ड्रेस कोड के बारे में बता रहे थे, जिसका कथित तौर पर उन्होंने और उनके समर्थकों ने उल्लंघन किया था।

वहीं भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड (बीआरबी) ने कहा है कि मंदिर के पुजारियों की गतिविधियां बंबई उच्च न्यायालय के एक अप्रैल के आदेश का उल्लंघन थीं, जिसमें कहा गया था कि महाराष्ट्र हिंदू धर्मस्थल (प्रवेश प्राधिकार) अधिनियम 1965 के मुताबिक, महिलाओं को किसी भी धर्मस्थल में प्रवेश से रोका नहीं जा सकता।

इस आदेश के बाद प्रसिद्ध शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत आठ अप्रैल को महिलाओं के लिए मंदिर के दरवाजे खोल दिए थे।

कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर और नासिक के त्रयंबकेश्वर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश दिलाने के लिए बीआरबी का अभियान जारी है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493