मुंबई, 21 मार्च (आईएएनएस)। बंबई उच्च न्यायालय की फटकार के बाद महाराष्ट्र में 17 सरकारी अस्पतालों के 3,000 के करीब रेजीडेंट चिकित्सकों ने तत्काल सामूहिक अवकाश खत्म करने का फैसला लिया है। चिकित्सकों के संघ ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
महाराष्ट्र रेजीडेंट चिकित्सक संघ (एमएआरडी) के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा, “हमने हमेशा अदालत के आदेशों का पालन किया है और सभी रेजीडेंट चिकित्सकों से जल्द से जल्द ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा गया है।”
उन्होंने बताया कि अधिकतर चिकित्सक मंगलवार की रात तक या बुधवार की सुबह तक ड्यूटी पर लौट आएंगे।
बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर और न्यायाधीश जी. एस. कुलकर्णी द्वारा दो दिनों से सामूहिक अवकाश पर चले गए रेजीडेंट चिकित्सकों को लगाई गई फटकार के बाद यह फैसला लिया गया।
अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता अफक मदाविया द्वारा सोमवार को दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान फटकार लगाई।
मरीजों के असंतुष्ट एवं नाराज रिश्तेदारों द्वारा बार-बार हो रहे हमलों के विरोध में रेजीडेंट चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर चले गए थे, जिसके कारण राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
जिन मरीजों के ऑपरेशन होने थे, वे टल गए सरकारी अस्पतालों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
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