मुंबई, 15 मई (आईएएनएस)। निर्देशक नागेश कुकुनूर की जंग लड़ने वाली (कंबैट) महिला अधिकारी पर आधारित नई वेब सीरीज ‘द टेस्ट केस’ में महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे अभिनेता राहुल देव ने कहा कि लड़ाई लड़ने में शारीरिक मजबूती से ज्यादा मानसिक मजबूती मायने रखती है, ऐसे में महिलाएं भी वास्तविक जीवन में इस भूमिका को पुरुषों के समान निभा सकती हैं।
‘द टेस्ट केस’ की कहानी एक महिला के इर्दगिर्द घूमती है जो भारतीय सेना के अर्ध सैन्य बल में एक कमांडो बनने की तैयारी कर रही है।
इस पर उनके विचार पूछने पर राहुल ने आईएएनएस से कहा, “यदि हम शारीरिक मजबूती और इसकी महिलाओं में कमी के बारे में सोचे तो हमें यह समझना होगा कि कठिन परिस्थितियों में मानसिक मजबूती शारीरिक शक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए महिलाएं भी असल जिंदगी में युद्ध या अन्य संघर्ष के लिए पुरुषों के बराबर मजबूत हैं।”
उन्होंने कहा, “महिलाओं के पास शक्ति है और इसके लिए वे खुद को तैयार कर सकती हैं। एक स्तर के बाद इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप 100 दंड बैठक लगाते हैं या नहीं। महत्व इसका होता है कि करो या मरो की स्थिति में, जब देश की सुरक्षा का मिशन सामने हो तो आप कैसे काम करते हैं।”
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