नई दिल्ली, 20 नवंबर (आईएएनएस)। रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत में जन्म लेने से पूर्व ही महिलाओं से भेदभाव शुरू हो जाता है।
अंबानी ने यहां ‘वूमेन इन द वर्ल्ड इंडिया समिट’ में कहा, “10 लाख से अधिक बच्चे भारत में पांच साल पूरा करने से पहले मर जाते हैं और तीन लाख जीवन के प्रथम दिन ही मर जाते हैं। इनमें से अधिकतर बालिकाएं होती हैं।”
उन्होंने कहा, “यह देखना दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में जन्म से पहले ही महिलाओं से भेदभाव शुरू हो जाता है।”
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण में मदद करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है, सिर्फ कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व भर नहीं है।
उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के एक अध्ययन के हवाले से कहा कि यदि भारत में महिलाएं भी पुरुषों की भांति नौकरी शुरू कर दें तो देश की विकास दर 27 फीसदी हो जाएगी।
उन्होंने गरीबी का दंश झेल रहे गांवों में अपने काम के दौरान महिलाओं से संबंधित अपने कुछ अनुभव बताए और कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी जरूरतों से वंचित समाज का उन पर ऋण है।
राजधानी में हुए इस एक दिवसीय सम्मेलन में दुनियाभर की महिला उद्यमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शरणार्थी समस्या, महिला भ्रूण हत्या, शिक्षा और अन्य सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की।
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