‘मानव के लिए संकट बनती जा रहीं पर्यावरणीय समस्याएं’

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में पर्यावरण की सुरक्षा, वनों व वन्य-जीवों से प्रेम को नागरिकों के मौलिक कर्तव्य की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में योगदान दें।

संगोष्ठी में प्रणविजय सिंह, अनिल मिश्रा, अजीत राज, शक्ति सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।

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