मायावती का कहना है कि वे काफी पहले गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना जाकर दलितों के पीड़ित परिवार वालों से मिलकर उनसे सहानुभूति प्रकट करना चाहती थी, लेकिन भाजपा उन्हें वहां नहीं जाने देने के लिए कई प्रकार के षडयंत्र करती रही।
माया ने जारी बयान में कहा कि बासपा ने इस मामले को संसद के बाहर व संसद में राज्यसभा में काफी मजबूती से उठाया और इस कारण भाजपा ने जानबूझ कर एक राजनीतिक षडयंत्र के तहत उत्तर प्रदेश में अपने एक वरिष्ठ नेता से मेरे खिलाफ अभद्र व अपशब्द कहलवा कर, पार्टी को उलझाने का प्रयास किया, ताकि ऊना कांड से लोगों का ध्यान हटाया जा सके।
इसी कारण ऊना दौरा उन्हें स्थगित करना पड़ा था। मायावती का कहना है कि पीड़ित परिवार व गांव के अन्य लोगों ने हमारी पार्टी पर भरोसा जताया है। पीड़ितों का कहना है कि बसपा मुखिया मायावती संसद में व्यस्त हैं। इसलिए उन्हें ऊना आने की जरूरत नहीं है।
माया ने कहा, “हम अहमदाबाद जाकर स्वयं ही उनसे मिलेंगे और उनका धन्यवाद करेंगे। इसी कारण गुरुवार को अहमदाबाद के दौरे पर मैं ऊना कांड के पीड़ितों के साथ-साथ पीड़ित परिवार वालों से भी अहमदाबाद में ही मिलूंगी।”
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