भोपाल, 21 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह द्वारा बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के लिए भद्दे शब्द कहे जाने के खिलाफ मप्र में विधानसभा से लेकर सड़क तक पर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। वहीं भाजपा ने बसपा पर तंज कसा।
राज्य में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। बसपा के विधायकों ने गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही उत्तर प्रदेश में भाजपा नेता द्वारा कहे गए उस भद्दे शब्द का मसला उठाया, जिसका सभ्य भाषा में अर्थ ‘यौनकर्मी’ होता है। इस शब्द का उपयोग गाली के रूप में किया जाता है।
बसपा के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उनकी मांग थी कि दयाशंकर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाकर चर्चा कराई जाए। बसपा को इसमंे कांग्रेस के विधायकों का भी साथ मिला। हंगामा बढ़ने पर विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा ने कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बसपा के चारों विधायक आसंदी के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। ये विधायक सिर पर नीली टोपी लगाए थे और हाथ में मायावती की तस्वीर लिए हुए थे। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने भी भाजपा नेता की टिप्पणी का मसला उठाया तो संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा से उनकी तीखी नोक-झोंक हुई।
संसदीय कार्यमंत्री मिश्रा का कहना था कि यह मामला राज्य के बाहर का है, लिहाजा उस पर इस सदन में चर्चा नहीं हो सकती।
उन्होंने अपनी पार्टी के नेता के मुंह से निकले भद्दे शब्द पर अफसोस जताने के बजाय उलटे बसपा की चुटकी ली। पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा को मिली हार पर मिश्रा ने कहा कि ‘डिस्कवरी चैनल उस हाथी को ढूंढ़ रहा है, जिसने अंडा (एक भी सीट न जीतना) दिया है।’
हंगामा बढ़ते देख विधानसभा अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने एक बार फिर कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित किया। तीसरी बार शुरू होने पर ही कार्यवाही आगे बढ़ पाई और प्रश्नकाल पूरा हो पाया।
विधानसभा में चल रही नोक-झोंक के बीच पूर्व मंत्री और बुजुर्ग विधायक बाबूलाल गौर ने बसपा विधायकों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने का सुझाव दे डाला। इस पर कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह साफ हो जाएगा कि भाजपा मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने वाले के साथ है।
कांग्रेस के विधायक अजय सिंह ने सदन के बाहर कहा कि सदन मंे बसपा निंदा प्रस्ताव लाएगी तो कांग्रेस उसका साथ देगी। वहीं बसपा की विधायक उषा चौधरी ने दयाशंकर के डीएनए पर भी सवाल उठाया।
बसपा ने राजधानी की सड़कों से लेकर राज्य के अन्य हिस्सों में सड़कों पर उतर का प्रदर्शन किया। ग्वालियर में कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम किया, वाहनांे के पुराने टायर जलाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्व में वाहनों में भी तोड़फोड़ की।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा इकाई के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने मायावती पर अर्मादित टिप्पणी की थी, जिस पर संसद में हंगामा और सत्तापक्ष द्वारा मायावती से माफी मांगे जाने बाद सिंह को पद से हटा दिया गया। बसपा इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बनाने जा रही है।
dharmpath.com dharmpath