नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को जोर देकर कहा कि लंदन के पुस्तक विमोचन समारोह में भगोड़ा घोषित उद्योगपति विजय माल्या की मौजूदगी में ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायुक्त नवतेज सरना की कोई गलती नहीं है।
सुषमा ने संवाददाताओं के सवालों पर मंत्रालय की राय से इत्तेफाक रखते हुए कहा, “उनका कोई दोष नहीं है।” मंत्रालय ने कहा है कि माल्या वास्तव में लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स एंड पॅलिटिकल साइंस के आमंत्रित लोगों की सूची में नहीं थे।
सुषमा ने कहा, “जैसे ही उच्चायुक्त ने माल्या को देखा, वह वहां से निकल गए। इसलिए मैं नहीं समझती कि इसे लेकर विवाद क्या है?”
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा था, “लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस के आमंत्रित लोगों की सूची लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स(एलएसई) ने बनाई थी। उन लोगों ने उच्चायुक्त को लिखा था कि माल्या उनकी सूची में नहीं थे।”
हालांकि माल्या ने कई ट्वीट कर दावा किया है कि वह बिना बुलाए घुस जाने वालों में से नहीं हैं।
माल्या की उस कार्यक्रम में उपस्थिति को लेकर विवाद शुरू हो गया है, क्योंकि शराब कारोबारी को मुंबई की एक अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया है।
माल्या को ब्रिटेन से निकालने की मांग की गई है। माल्या पिछले चार माह से ब्रिटेन में ही हैं। भारत के बैंकों का 9000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेकर नहीं लौटाने वाले माल्या के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी है।
dharmpath.com dharmpath