नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। रेडियो जॉकी नवेद अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मिर्ची मुर्गा’ में आवाज बदल-बदलकर श्रोताओं को गुस्सा दिलाने और टांग खिंचाई करने के लिए मशहूर हैं, लेकिन वह कहते हैं कि जब एक श्रोता गाली-गलौज या तू-तड़ाक पर उतर आता है कि तो वह बस अपना हेडफोन उतारकर साइड में रख देते हैं।
नवेद ने रेडियो मिर्ची 98.3 के ‘मिर्ची मुर्गा’ कार्यक्रम में अपने श्रोताओं की खिंचाई करने के लिए पंजाबी टेलीफोन ऑपरेटर से लेकर हवलदार की आवाज निकाली है। कुछ श्रोता उनके मजाक को हंसी में उड़ा देते हैं, लेकिन कुछ गुस्से में प्रतिक्रिया देते हैं।
‘दिल्ली का डॉन’ नाम से मशहूर नवेद ने बीते वर्षो में श्रोताओं के ऐसे अप्रत्याशित व्यवहार को झेलना सीख लिया है।
नवेद ने आईएएनएस को बताया, “मैं जब लोग चिल्लाए और झल्लाए तो एक-दो बार तो घबराया, लेकिन उसके बाद मैंने उससे भी कुछ चीजें सीखीं। कई बार जब सामने वाला बंदा भड़कने लगता है, तो मैं तुरंत उसे बताता हूं कि मैं ‘रेडियो मिर्ची’ या ‘मिर्ची मुर्गा’ से हूं, लेकिन कई बार यहां तक की नौबत आ गई कि मुझे अपने हेडफोन उतारने और कमरे से बाहर निकलना पड़ गया। मेरे पास कोई विकल्प नहीं बचा था।”
उनके शो ने रेडियो अवार्ड्स में ‘बेस्ट रेडियो स्पार्कलर’ (हिंदी) पुरस्कार जीता।
रेडियो के क्षेत्र में करीब 10 साल का अनुभव रखने वाले नवेद ने कहा कि लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना ज्यादा अहम है।
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