सूरत में रहकर नौकरी करने वाले मो.निजाम अपने परिवार के साथ देर शाम शनिवार को सूरत मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस ट्रेन से पैतृक गांव मुजफ्फरपुर जा रहे थे। उनके साथ गर्भवती पत्नी फातिमा दो मासूम बच्चिया भी थी। सभी परिवार जनरल डिब्बे में सफर कर रहे थे। निजाम ने बताया कि ट्रेन औरैया के कंचैसी स्टेशन के पास पहुंची कि फातिमा को तेज प्रसव पीड़ा होना शुरू हो गया। इस बीच जब उसने चेन पुलिंग कर ट्रेन स्टेशन रुकते ही जानकारी स्टेशन मास्टर को दी।
स्टेशन मास्टर ने फौरन एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस के आने में देरी हुई। दर्द और तेज होता जा रहा था, तभी प्रसव पीड़ा को देख दूसरी बोगी में सफर कर रही महिला डॉक्टर दुर्गा ने अन्य महिलाओं की मदद से प्रसव कराया। थोड़ी देर में एंबुलेंस के पहुंचने पर जच्चा-बच्चा को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।
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