लखनऊ, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। लखनऊ के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बुधवार को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर एक शिकायत स्वीकार कर ली और पुलिस को निर्देश दिया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह के खिलाफ उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए।
लखनऊ, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। लखनऊ के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बुधवार को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर एक शिकायत स्वीकार कर ली और पुलिस को निर्देश दिया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह के खिलाफ उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए।
सीजेएफ सोम प्रभा मिश्रा ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी ठाकुर का आवेदन स्वीकार कर लिया और हजरतगंज पुलिस थाने को निर्देश दिया कि एक प्राथमिकी दर्ज की जाए। ठाकुर ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि यादव ने 10 जुलाई को उन्हें फोन पर धमकी दी थी।
सीजेएफ ने यह निर्देश भी दिया कि मामले की जांच की जाए और उसकी रपट न्यायालय में पेश की जाए।
अदालत के आदेश से पहले ठाकुर के वकील अखिलेश कुमार अवस्थी ने जसराना मामले से संबंधित प्राथमिकी और आरोप-पत्र की प्रतियां पेश की, जहां तत्कालीन विधायक रामवीर सिंह ने ठाकुर पर हमला किया था। ठाकुर उस समय फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक थे।
ठाकुर ने जब से मुलायम के खिलाफ शिकायत दायर की है, तब से वह निलंबित चल रहे हैं और उनके खिलाफ कई जांच चल रही है। उन्होंने 11 जुलाई को हजरतगंज पुलिस थाने के निरीक्षक विजयमल सिंह यादव से संपर्क किया था और जब कथित रूप से उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो उन्होंने 23 जुलाई को लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय से संपर्क किया था।
हजरतगंज के पुलिस निरीक्षक ने हालांकि 17 जुलाई को लिखे गए एक पत्र के माध्यम से ठाकुर को सूचित किया था कि उनकी शिकायत की जांच की गई और उसे सच नहीं पाया गया।
ठाकुर ने इस जांच को कानून के खिलाफ बताते हुए 31 जुलाई को सीजेएम के यहां एक आवेदन दायर किया था।
अदालत ने दो बार पुलिस से इस मामले पर विवरण मांगे, लेकिन पुलिस ने मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
dharmpath.com dharmpath