कोल्हापुर (महाराष्ट्र), 16 सितम्बर (आईएएनएस)। पुलिस ने बुधवार को बताया कि साम्यवादी नेता गोविंद पनसारे की हत्या के मामले में सांगली से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति का ताल्लुक दक्षिणपंथी हिंदू संगठन सनातन संस्था से है।
गिरफ्तार व्यक्ति का नाम समीर वी गायकवाड़ (30) है। वह 1998 से हिंदू संगठन सनातन संस्था से जुड़ा हुआ है।
गायकवाड़ संस्था का पूर्णकालिक सदस्य है। कोल्हापुर और सांगली पुलिस के अभियान में उसे बुधवार सुबह 4.30 बजे सांगली में पकड़ा गया। उस पर हत्या का आरोप लगाया गया है। कोल्हापुर की अदालत ने उसे 23 सितंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।
81 साल के पनसारे पर कोल्हापुर में 16 फरवरी को हमला किया गया था। उन्हें नजदीक से गोली मारी गई थी। चार दिन के बाद 20 फरवरी को उनकी मौत हो गई थी। उनकी पत्नी उमा को भी गोली मारी गई थी लेकिन उन्हें बचा लिया गया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) संजय कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि संदिग्ध का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध पनसारे की हत्या से हो सकता है।
उन्होंने कहा, “हम गायकवाड़ के मुंबई, सांगली और अन्य जगहों के ठिकानों की तलाशी ले रहे हैं। हमें उसके खिलाफ सबूत मिले हैं जिसे अदालत को सौंपा गया है।”
उन्होंने कहा कि पुलिस गायकवाड़ पर नजर रखे हुए थी। उसे टेलीफोन काल रिकार्ड और निगरानी के अन्य जरियों से पकड़ा गया।
सनातन संस्था के प्रवक्ता संदीप शिंदे ने संस्था पर लगे आरोपों को खारिज किया। लेकिन, उन्होंने स्वीकार किया कि गायकवाड़ और उसके परिजन संस्था के ‘बहुत अच्छे और सक्रिय सदस्य’ हैं।
शिंदे ने कहा, “गायकवाड़ गणेशोत्सव में भाग लेने सांगली गया था और उसे पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस पहले मुझे भी पकड़कर जेल में डाल चुकी है। ऐसे आरोप हमारे लिए नए नहीं हैं।”
सनातन संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी विजेंद्र मराठे ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह गायकवाड़ को फंसा रही है। दो करोड़ काल का डाटा रिकार्ड खंगालने के बाद पुलिस ने संस्था विरोधियों के इशारे पर उसके ही फोन नंबर की पड़ताल की।
मराठे ने पुलिस की बात को गलत बताते हुए कहा कि गायकवाड़ को सुबह पकड़ा गया और फौरन ही अदालत में पेश किया गया।
उन्होंने कहा, “इसका मतलब यह है कि रिमांड पेपर पहले से ही तैयार थे। पूरे मामले में साजिश हो रही है। पुलिस ने बेगुनाह गायकवाड़ को फंसाने की साजिश रची है। हम जानते हैं कि गायकवाड़ निर्दोष है।”
पनसारे की बेटी स्मिता पनसारे ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया और इसे अपने पिता की हत्या का मामला सुलझाने की दिशा में एक खास कदम बताया।
सामाजिक कार्यकर्ता मुक्ता दाभोलकर ने कहा कि गायकवाड़ एक बड़ी साजिश का महज एक सूत्र हो सकता है। मुक्ता के पिता तर्कशास्त्री नरेंद्र दाभोलकर थे जिनकी पुणे में 20 अगस्त 2013 में हत्या कर दी गई थी।
ऐसा नहीं लग रहा है कि सनातन संस्था गायकवाड़ को कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी। लेकिन, मराठे ने कहा कि कोई शुभचिंतक वकील या हिंदू विधिद्नया परिषद उसकी मदद कर सकते हैं।
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