चेन्नई, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। तमिलनाडु ने बुधवार को केंद्र से आग्रह किया कि श्रीलंका में तमिलों के खिलाफ युद्ध अपराध करने वालों के विरुद्ध एक अंतर्राष्ट्रीय जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में एक प्रस्ताव पेश किया जाए।
राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित एक प्रस्ताव में तमिलनाडु ने इस मामले में केंद्र सरकार से यह आग्रह भी किया है कि यदि अमेरिका इस संबंध में श्रीलंका की मदद करता है तो उसके रुख को बदलने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री जयललिता ने उन रपटों का हवाला देते हुए प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कहा गया था कि 2009 में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन के खिलाफ अमेरिका श्रीलंका द्वारा एक आंतरिक जांच कराए जाने का प्रस्ताव रख रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है।
श्रीलंका और भारत में आतंकवाद से निपटने और दोनों देशों की सुरक्षा और स्थायित्व के लिए परस्पर सहयोग देने के लिए दोनों देशों की स्वीकृति के एक दिन बाद विधानसभा में यह प्रस्ताव आया है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के बीच मंगलवार को नई दिल्ली में वार्ता हुई थी।
जयललिता ने कहा कि भारत को भी यूएनएचआरसी में मानवाधिकार के श्रीलंका के कथित दोषियों के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय जांच की मांग करनी चाहिए।
जयललिता ने विधानसभा में पूर्व में पारित उन प्रस्तावों का भी जिक्र किया, जिनमें श्रीलंका के साथ मित्र राष्ट्र का व्यवहार न करने और वहां आयोजित राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं की बैठक में हिस्सा न लेने की बातें शामिल थीं।
विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रस्ताव का स्वागत किया है।
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