शिलांग, 8 जनवरी (आईएएनएस)। मेघालय उच्च न्यायालय ने राज्य में गगनचुंबी इमारतों के निर्माण की अनुमति देने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को प्रदेश के शहरी मामलों के मंत्री माजेल अमपारीन लिंगदोह व मेघालय शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) को नौ अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
न्यायालय ने सीबीआई को संसदीय सचिव लांबोक्लांग मेलिएम सहित 13 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। एमयूडीए के आरोपी अधिकारियों द्वारा भूकंप के प्रति अति संवेदनशील क्षेत्र में गगनचुंबी इमारतों के निर्माण के लिए कथित तौर पर मंजूरी का लाभ मेलिएम ने भी उठाया है।
मुख्य न्यायाधीश उमानाथ सिंह ने गुरुवार की रात जारी आदेश में कहा, “इस मामले को निपटाने में अनुभवी न्यायिक अधिकारियों की जरूरत हो सकती है। मैं सीबीआई को नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में मामला दर्ज करने की स्वतंत्रता प्रदान करता हूं, साथ ही सर्वोच्च न्यायालय से इस की मंजूरी चाहता हूं कि आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की स्थानीय अदालत में मुकदमे चले, ताकि निर्धारित समय के भीतर मामले की सुनवाई हो और तार्किक नतीजे पर पहुंचा जा सके।”
सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के 28 सितंबर, 2015 के आदेश के खिलाफ एमयूडीए की विशेष अनुमति याचिका पर स्टे लगाने की मंजूरी देने से इनकार करते हुए गगनचुंबी इमारतों के अवैध निर्माण मामले की सीबीआई से जांच कराने का निर्देश दिया था।
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