शिलांग, 3 नवंबर (आईएएनएस)। मेघालय के एक अपहृत सरकारी अधिकारी को मंगलवार तड़के उग्रवादी समूह गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (जीएनएलके) के चंगुल से सकुशल मुक्त करा लिया गया। अधिकारी सात दिन से उनकी कैद में था।
पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिमी रेंज) एफ.डी. संगमा ने आईएएनएस को बताया कि दक्षिण गारो हिल्स जिले के चोक्पोत के खंड विकास अधिकारी जूड रंगकू टी. संगमा को अल्लाग्रे गांव से मुक्त कराया गया है।
संगमा ने कहा, “अधिकारी आज सुबह तुरा स्थित अपने माता-पिता के घर पहुंच गया। वह अब आराम कर रहे हैं और हम उनसे बाद में बात करेंगे।”
जूड की यह ‘बिना किसी शर्त वाली रिहाई’ राजनीतिक दलों और जनता की ओर से बनाए गए दबाव के बाद संभव हो पाई है।
यह अधिकारी 27 अक्टूबर को तुरा जा रहे थे। उसी दौरान गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी के उग्रवादियों ने दक्षिण गारो हिल्स जिले के दिगंगगरे इलाके से उनका अपहरण कर लिया था।
अधिकारी उग्रवादियों की शरणस्थली माने जाने वाले चोक्पोत खंड में तैनात हैं। जीएनएलके ने उन्हें पूर्व में कई बार धमकी दी थी और रंगदारी भी मांगी थी, लेकिन उन्होंने धमकियों को नजरअंदाज कर दिया था।
उधर, जीएनएलके का दावा है कि उसने अधिकारी को उसके ‘भ्रष्ट आचरण’ के चलते अगुवा किया था।
गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी पश्चिमी मेघालय में एक पृथक गारोलैंड की मांग करता आ रहा है।
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