शिलांग, 5 मार्च (आईएएनएस)। सीविल सोसाइटी महिला संगठन (सीएसडब्ल्यूओ) ने राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख राजीव मेहता को मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा का सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है।
सीएसडब्ल्यूओ अध्यक्ष एग्नेस खारशिंग ने रविवार को कहा, “हम इस अवैध कदम का कड़ा विरोध करते हैं, जिसमें कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को समायोजित करने के लिए जनता के पैसे बर्बाद किए जाएंगे।”
मेघालय के मंत्रिमंडल ने तीन मार्च को राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख मेहता को मेघालय के मुख्यमंत्री का सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए जाने को मंजूरी दी थी।
एग्नेस खारशिंग ने कहा, “पूर्व डीजीपी राज्य को क्या सुरक्षा सलाह दे सकते हैं, जब वह खुद अपने ही अधिकारी पी.जे. मार्बनियांग की हत्या की ठीक से जांच तक नहीं कर पाए और जांच के परिणाम में आत्महत्या की बात स्वीकार कर ली।”
सीएसडब्ल्यूओ के मुताबिक, पुलिस विभाग में कुछ वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो सही सुरक्षा सलाह देने में सक्षम हैं और उन लोगों जैसे नहीं हैं जो ‘केवल कुछ लोगों के हित में सलाह देते हैं और सभी के लिए तनाव और डर पैदा करते हैं।’
सीएसडब्ल्यूओ ने सरकार को राज्य में एक पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने में ढीला रवैया नहीं अपनाने को भी कहा है।
संगठन ने कहा कि वह किसी भी विभाग में सेवानिवृत्त अधिकारियों की नियुक्ति के राज्य सरकार के कदम के खिलाफ है क्योंकि इससे कई अन्य योग्य व्यक्तियों की पदोन्नति में रुकावट आती है और कई युवाओं को नौकरी नहीं मिल पाती। इससे उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी होता है।
खारशिंग ने कहा, “इसके नियम स्पष्ट हैं और भ्रष्टाचारियों की नियुक्ति के लिए इनमें कोई भी फेरबदल नहीं किया जाना चाहिए। राज्य के शासन में जनता की भी राय अहम होती है और सरकार में शामिल लोगों को इसका ख्याल रखना चाहिए।”
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