पटना, 2 जून (आईएएनएस)। बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविन्द ने राजभवन के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में गुरुवार को पुस्तक ‘मैथिली आओर पांच ठाकुर’ तथा ‘ओ कविता की’ का लोकर्पण किया। ये दोनों पुस्तकें मैथिली भाषा में लिखी गई है।
कोविन्द ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैथिली सहित देश की अन्य सभी लोक भाषाएं राष्ट्रभाषा हिन्दी को समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा कि ‘रामचरितमानस’ की अतिशय लोकप्रियता का आधार उसका लोकभाषा में रचित होना भी है।
राज्यपाल ने ‘ओ कविता की’ के रचयिता कवि गणेश झा को ऐसी रचना के लिए बधाई दी तथा ‘मैथिली आओर पांच ठाकुर’ के लेखक दिवंगत डॉ़ सुरेश्वर झा का स्मरण करते हुए उनका नमन किया।
राज्यपाल ने ‘देसिल बयना सब जन मिट्ठा’ को उल्लेखित करते हुए कहा कि मैथिली भाषा में मिठास और रुचिरता रची बसी है। उन्होंने कहा समस्त भाषाओं के भारतीय साहित्य से हमें शांति, सद्भावना और बंधुत्व की प्रेरणा भी मिलती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ़ सी़ पी़ ठाकुर ने कहा कि आर्थिक सम्पन्नता से वंचित मिथिला की भूमि सांस्कृतिक एवं साहित्यिक रूप से अत्यंत समृद्घ और विकसित रही है। उन्होंने मिथिला के विकास के लिए वहां समुचित जल प्रबंधन की व्यवस्था पर जोर दिया।
कवि गणेश झा ने कहा कि ‘मैथिली आओर पांच ठाकुर’ पुस्तक में ज्योतिरीश्वर ठाकुर, विद्यापति ठाकुर, ब्रजमोहन ठाकुर, कर्पूरी ठाकुर एवं डॉ़ सी़ पी़ ठाकुर के मैथिली भाषा के विकास में योगदान को रेखांकित किया गया है, जबकि ‘ओ कविता की’ में देश और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर कई महत्वपूर्ण कविताएं संकलित की गई हैं।
कार्यक्रम में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ़ साकेत कुशवाहा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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