नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ को संबोधित करेंगे, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा हैकाथॉन है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इस हैकाथॉन का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना है, जिसमें लगभग 10,000 छात्र 598 समस्याओं का डिजिटल समाधान करते दिखाई देंगे।
केंद्र सरकार के 29 विभागों ने इन 598 समस्याओं की पहचान की है, जिनमें हवाईअड्डों की जियो-फेंसिंग, ऑनलाइन टोल कलेक्शन, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, साइबल हमले तथा हवाईक्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए स्मार्ट ड्रोन भी शामिल हैं।
लगातार 36 घंटे तक चलने वाली डिजिटल प्रोग्रामिंग प्रतियोगिता शनिवार को सुबह आठ बजे से देश की 26 विभिन्न जगहों पर शुरू होगी। हर जगह पर हैकाथॉन की जिम्मेदारी एक केंद्रीय विभाग या मंत्रालय की होगी।
शीर्ष तीन टीमों को एक लाख रुपये, 75,000 रुपये तथा 50,000 रुपये से पुरस्कृत किया जाएगा और डिजिटल सॉल्यूशंस का इस्तेमाल मंत्रालय/विभाग शासन प्रणाली का सुधार करने के लिए करेगा।
पुरस्कार पाने वाले सभी विजेताओं को कम्युनिटी ऑफ इनोवेटिव माइंड्स में शामिल किया जाएगा। हैकाथॉन का उद्देश्य देश में पेटेंट के बारे में जागरूकता में सुधार करना भी है।
वर्ल्ड इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूआईपीओ) के मुताबिक, भारत में प्रति 10 लाख की आबादी में 40 पेटेंट होता है।
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