नई दिल्ली, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। रिसाइकिल के महत्व और कचरे के दोबारा उपयोग से धन पैदा करने के महत्व को दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साफ-सफाई पर जोर देते हुए महात्मा गांधी के ‘सत्याग्रह’ की तर्ज पर ‘स्वच्छाग्रह’ का आह्वान किया।
यहां विज्ञान भवन में भारत स्वच्छता सम्मेलन में मोदी ने केंद्र की साफ-सफाई की पहल को आगे बढ़ाने के लिए नागरिकों को धन्यवाद दिया।
इस मौके पर ग्रामीण विकास, पेयजल व स्वच्छता और पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस साल 2 अक्टूबर से एक लाख गांव खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो जाएंगे। जबकि, वर्तमान वित्त वर्ष के अंत तक देश के 40 जिले ओडीएफ श्रेणी में शामिल हो जाएंगे।
मोदी ने गंदगी के खिलाफ मुहिम शुरू करने का आह्वान करते हुए कहा, “केवल बजट आवंटन से साफ सफाई नहीं हो सकती..जैसे ‘सत्याग्रह’ ने हमें अंग्रेजों से आजादी दिलवाई थी, वैसे ही ‘स्वच्छाग्रह’ के माध्यम से हमें गंदगीमुक्त भारत बनाने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा, “स्वच्छता अभियान ने बहुत कम समय में ही जोर पकड़ लिया है। लेकिन, इसे प्रभावी बनाने के लिए लोगों में स्वच्छता के प्रति प्यार और गंदगी के प्रति नफरत होनी चाहिए।”
उन्होंने कचरे के फिर से उपयोग की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को कचरे से धन बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “हमें कचरे से धन पैदा करने की जरूरत है। हम चीजों को दोबारा इस्तेमाल कर और कचरे को रिसाइकिल कर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। दोबारा इस्तेमाल करना और रिसाइकिल करना पारंपरिक रूप से हमारी आदत रही है। हमें इसे प्रौद्योगिकी के नजरिये से भी उन्नत बनाना है।”
मोदी ने यह भी कहा कि सरकार ने इस पहल को बढ़ावा देने के लिए अपशिष्ट पदार्थ से बनी बिजली खरीदने का महत्वपूर्ण फैसला किया है।
वर्तमान में 87,666 गांव ओडीएफ घोषित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1,544 गांव नमामि गंगे परियोजना के तहत हैं। अबत 24 जिलों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।
सिक्किम इकलौता राज्य है जिसे ओडीएफ घोषित किया गया है। इसके बाद केरल, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र को जल्द ही ओडीएफ हैसियत हासिल हो जाएगी।
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