भोपाल, 14 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उज्जैन के महाकाल और क्षिप्रा नदी के अपमान का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मोदी ने उज्जैन प्रवास के दौरान न तो महाकाल के दर्शन किए और न ही क्षिप्रा नदी में स्नान किया। सिर्फ भाषण देकर चले गए।
राजधानी भोपाल में अपने आवास पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सिंहस्थ कुंभ के दौरान उज्जैन आए, मगर उन्होंने न तो महाकाल के दर्शन किए और न ही क्षिप्रा नदी में स्नान किया। यह सीधे तौर पर हिंदू आस्था का अपमान है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के रंग में रंगे ‘विचार कुंभ’ में मोदी ने सनातन मान्यता पर भी सीधा कुठाराघात करते हुए नागा साधुओं पर निशाना साधा। यह संत समाज का सीधे तौर पर निरादर है। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
यादव ने कहा, “कुंभ में सबसे पहले नागा ही स्नान करते हैं, यह हमारी सनातन परंपरा है। नागा साधु शाही स्नान की शोभा होते हैं, मगर प्रधानमंत्री ने इस परंपरा की खिल्ली उड़ाई है।”
उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री की अंतरआत्मा से जो सनातन विरोधी आवाज निकली, उसे उनके महाकाल के दर्शन और क्षिप्रा में स्नान न करने को जोड़कर देखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ के दौरान निनौरा में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विचार कुंभ के समापन समारोह में विचार कुंभ का घोषणापत्र ‘सार्वभौम अमृत संदेश’ जारी किया और अपने विचार प्रकट किए। समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना भी मौजूद थे।
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