भोपाल-मध्य प्रदेश में तबादलों का दौर जारी है। नई सरकार बनने के बाद से सैंकड़ों आधिकारी-कर्मचारियों के तबादले किए जा चुके हैं। कांग्रेस इसे ट्रांसफर फैक्ट्री बताकर राज्य सरकार पर हमलावर है। वहीं, अब ट्रांसफर के नाम पर ठगों का गिरोह भी सक्रिय हो गया है। भोपाल क्राइम ब्रांच ने सीएम मोहन यादव का ओएसडी बताकर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है।
इस हाईप्रोफाइल जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब ठगी का शिकार एक कर्मचारी ने भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत की। जांच के बाद निवाड़ी जिले के सौरभ बिलगाइया और हरबल कुशवाह को दबोच लिया। पूछताछ की गई तो सामने आया कि ये अब तक 6 कर्मचारियों से 20 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर चुके हैं। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
सौरभ खुद को मुख्यमंत्री का OSD बताकर ठगी करता है। वहीं, हरबल ठगी के पैसों को मनी ट्रांसफर वालों के खातों में डलवाने का काम करता था। दोनों के पास से 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड को जब्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि सबसे पहले कर्मचारी के मोबाइल नंबर पर एक फर्जी ट्रांसफर लिस्ट भेजी जाती थी। जिस वाट्सऐप नंबर से लिस्ट भेजते थे, उसकी डीपी में मध्यप्रदेश सरकार का लोगो होता था। जिससे कर्मचारी आसानी से भरोसा कर लेता था।
इसके बाद सौरभ फोन लगाकर खुद को मुख्यमंत्री का OSD बताता, और ट्रांसफर रुकवाने के लिए रुपए की डिमांड करता था। इसी तरह वे शासकीय कर्मचारियों से ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर रुपए ऐंठते थे।
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