नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाज सुधारक स्वामी अग्निवेश ने कहा कि सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जिस तरह से कथित राष्ट्रवादी संगठनों ने युद्धोन्माद का माहौल बना दिया है, वह न केवल पाकिस्तान की जनता बल्कि हमारे लिए भी घातक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसे रोकना होगा।
अग्निवेश ने कहा कि मोदी ने अपने मंत्रियों व नेताओं को सर्जिकल स्ट्राइक पर बयानबाजी से बचने की नसीहत बहुत देर से दी है।
उन्होंने कहा कि एक ओर तो प्रधानमंत्री अपने नेताओं को उकसावे वाली बयानबाजी से बचने की सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस तनावभरे माहौल में विजयी दशमी मनाने लखनऊ जा रहे हैं। क्या प्रधानमंत्री को लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश में चस्पाए गए युद्धोन्माद संबंधी पोस्टरों के बारे में जानकारी नहीं है, जिनमें नवाज शरीफ को रावण और नरेंद्र मोदी को राम के रूप में दिखाया गया है?
स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री को समझना होगा कि यदि वह लखनऊ में विजय दशमी मनाएंगे तो उनका कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के संदर्भ में देखा जाएगा। उसे सर्जिकल स्ट्राइक का विजय दिवस माना जाएगा। यह कार्यक्रम ही विरोधियों को उकसाने वाला है।
उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भले ही सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति कर रही हों, पर प्रधानमंत्री को सेना की गोपनीयता को बनाए रखते हुए सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो फुटेज जारी करने चाहिए। इससे हमें पाकिस्तानी जनता की सहानुभूति मिलेगी। हो सकता है कि जैसे पीओके में लोग आतंकी शिविरों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं, उसी तरह से पाकिस्तान की जनता वहां की सरकार व सेना को कटघरे में खड़ा करते हुए उनके विरोध में उठ खड़ी हो जाए। हमारे कूटनीतिक प्रयास ऐसे होने चाहिए, जिससे हम पाकिस्तान की जनता को विश्वास में ले सकें।”
सार्क सम्मेलन रद्द होने को गलत करार देते हुए स्वामी ने कहा कि यदि इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अफगानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका पाकिस्तान की जमीन पर आतंकवाद के विरोध में माहौल बनाते तो ज्यादा प्रभावकारी होता। सार्क सम्मेलन रद्द होने से पाकिस्तान को कम, भारत को ज्यादा नुकसान हुआ है।
अग्निवेश ने कहा कि पाकिस्तान की छवि तो बहुत पहले से ही आतंकी गतिविधियों का बढ़ावा देने वाली रही है। उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उनका पाकिस्तान की जमीन पर जाकर आतंकवाद मामले में पाकिस्तान को लताड़ना सराहनीय प्रयास था।
पाक कलाकारों के विरोध के बारे में स्वामी ने कहा कि इन कलाकारों का विरोध करने वाले दरअसल केंद्र सरकार का विरोध कर रहे हैं। इन कलाकारों को वीजा तो हमारी सरकार ने ही दिया है।
उन्होंने कहा कि यदि इनका विरोध सीमा पर हुए खराब हुए माहौल को लेकर है तो पठान कोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री बिना तय कार्यक्रम के क्यों लाहौर जाकर प्रधानमंत्री नवीज शरीफ से मिले और क्यों उनकी मां के पैर छूए?
dharmpath.com dharmpath