नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। पलाश सेन भारतीय पॉप संगीत का एक मशहूर नाम हैं। 1988 में अपने दोस्तों के साथ यूफोरिया बैंड की नींव डालने वाले पलाश का मानना है कि रचनात्मकता को मिल रही चुनौती की एक बड़ी वजह सोशल मीडिया है, जिसके चलते लोग खुलकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। पलाश सेन भारतीय पॉप संगीत का एक मशहूर नाम हैं। 1988 में अपने दोस्तों के साथ यूफोरिया बैंड की नींव डालने वाले पलाश का मानना है कि रचनात्मकता को मिल रही चुनौती की एक बड़ी वजह सोशल मीडिया है, जिसके चलते लोग खुलकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।
पलाश के गाए गीतों ‘माई री’, ‘धूम पिचक’, ‘अब ना जा’, ‘कभी आना तू मेरी गली’ और संगीत वीडियो ‘हल्ला बोल’ को लोगों ने खूब पसंद किया। आज यूफोरिया भारत के बड़े संगीत बैंड में से एक माना जाता है। ‘हल्ला बोल’ वीडियो के जरिए विभिन्न मुद्दों को उठाया गया था।
पलाश हाल ही में दिल्ली में आयोजित एशिया के सबसे बड़े बॉलीवुड म्यूजिक के रूप में पहचाने जाने वाले गाना बॉलीवुड म्यूजिक प्रोजेक्ट में शामिल हुए, जहां उन्होंने आईएएनएस से बात की।
मेघना गुलजार की फिल्म ‘फिलहाल’ में पलाश अभिनय भी कर चुके हैं। यह पूछे जाने पर कि दोबारा पर्दे पर वह कब नजर आएंगे तो उन्होंने कहा, “अब मैं निर्देशन में आ चुका हूं, अब मैं अभिनय नहीं करने वाला..मैं अब निर्देशन कर रहा हूं। मेरी पहली फिल्म का नाम था ‘जिया जाए’..और अब दूसरी फिल्म का नाम है ‘एकतरफा’ जो फरवरी के अंत तक आएगी।” लघु फिल्म ‘जिया जाए’ में पलाश के बेटे किंशुक सेन ने काम किया था।
पलाश गायक होने के साथ ही एक डॉक्टर भी है, हालांकि मेडिकल की पढ़ाई को अपने जीवन का वह सबसे बड़ा संघर्ष मानते हैं। उन्होंने आईएएनएस को बताया, “मेरा संघर्ष सबसे ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई में रहा है। संगीत के क्षेत्र में होने की अपेक्षा मेरे लिए यह ज्यादा संघर्ष का काम रहा है।”
पलाश ने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज और गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल (दिल्ली) से मेडिकल की पढ़ाई की और एमबीबीएस की डिग्री ली है।
संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ काफी विवादों में रही, कई लोगों ने इस रचनात्मकता को मिल रही चुनौती बताया। इस बारे में पलाश से जब पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने लोगों को अपनी बात कहने का जरिया दिया है, जिसके चलते ऐसा है।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, “मुझे लगता है कि सोशल मीडिया की वजह से बहुत कुछ अच्छा भी हो रहा है और बहुत कुछ बुरा भी हो रहा है..ये सब जो चुनौतियां हैं, ये सोशल मीडिया की वजह से हैं। लोगों को अपनी बात कहने, अपना पक्ष रखने का जरिया मिल गया है, जिसके चलते वे खुलकर अपने विचार जाहिर कर रहे हैं और यह सब देखने को मिल रहा है।”
पलाश का मानना है कि युवाओं को देश के प्रति जिम्मेदार बनना चाहिए।
युवाओं को दिए संदेश में उन्होंने कहा, “आप अपने देश के लिए एक योग्य और जिम्मेदार नागरिक बनें और अपनी जिम्मेदारियों को समझें व इसे पूरा करें, जिससे देश और आगे बढ़े।”
पलाश ने भले ही अपनी गायकी से पूरी दुनिया के लोगों का दिल जीत लिया है, लेकिन उनके घर वालों को उनका गाना पसंद नहीं है।
उन्होंेने कहा, “मेरे घरवालों और मेरी मां को मेरा गाना बिल्कुल पसंद नहीं है। उनका मानना है कि इतनी पढ़ाई करने के बाद गीत गाने का कोई मतलब ही नहीं बनता, उन्हें यह पसंद नहीं है।”
गायक का मानना है कि उनका अब तक सफर शानदार रहा है और आगे भी ऐसा रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका अब तक का सफर खुशियों से भरा, यूफोरिक और शानदार रहा है और वह अभी भी खुशमिजाज हैं और ताउम्र ऐसे ही रहने वाले हैं।
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