नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। सरकार ने कहा है कि शुक्रवार को गुजरात की जेलों में कैद 88 पाकिस्तानी मछुआरों को रिहा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस निर्णय से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 16 जून को ही फोन पर अवगत करा दिया था।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ये 88 मछुआरे शुक्रवार को गुजरात से प्रस्थान कर गए और उन्हें पंजाब के अमृतसर के पास स्थित वाघा-अटारी सीमा जांच चौकी पर पाकिस्तानी अधिकारियों को 21 जून को सौंप दिया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी मछुआरों को रिहा करने और उन्हें पाकिस्तान को सौंपने का निर्णय केंद्र सरकार ने गुजरात सरकार के साथ मिलकर लिया, ताकि मछुआरे रमजान का महीना अपने परिवार के साथ बिता सकें।
गुजरात की जेलों में कैद कुल 115 पाकिस्तानी मछुआरों में केंद्र सरकार ने उन 88 मछुआरों को रिहा करने और उन्हें उनके देश भेजने का निर्णय लिया, जिनकी नागरिकता की पुष्टि पाकिस्तान ने कर दी है।
बयान में कहा गया है कि मछुआरों को रिहा करने से पूर्व उनपर दर्ज मामले अदालतों की सहमति से मानवीय आधार पर वापस लिए गए।
बयान में कहा गया है, “मीडिया में हालांकि नौ और मछुआरों की नागरिकता की पुष्टि पाकिस्तान द्वारा किए जाने की खबर आई है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस तरह की पुष्टि के बारे में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।”
गुजरात की जेलों में अभी भी कैद 27 मछुआरों की रिहाई और उन्हें उनके देश भेजने के संबंध में बयान में कहा गया है कि भारत में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा जैसे ही उनकी नागरिकता की पुष्टि की जाएगी, सरकार इस मुद्दे पर विचार करेगी।
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